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    इन फूलों की रहती है भारी डिमांड, किसानों के लिए है तगड़े मुनाफे का सौदा

    22 hours ago

    Flower Farming Tips:  अगर आप भी पारंपरिक खेती के वही पुराने ढर्रे से बोर हो चुके हैं और कुछ ऐसा तलाश रहे हैं. जिसमें इंस्टेंट कैश और हाई रिटर्न मिले. तो फूलों की खेती यानी फ्लोरीकल्चर आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है. खासकर गेंदा और गुलाब जैसे फूलों की डिमांड मार्केट में 365 दिन बनी रहती है. भारत में शायद ही कोई ऐसा त्योहार, शादी या शुभ काम हो जो इन फूलों के बिना पूरा होता हो. 

    आजकल के दौर में जब हर कोई अपनी लाइफस्टाइल और डेकोरेशन को लेकर काफी चूजी हो गया है. तो प्रीमियम क्वालिटी के फूलों की कीमतें आसमान छू रही हैं. सबसे मजे की बात यह है कि फूलों की खेती के लिए आपको बहुत बड़ी मशीनरी या करोड़ों के इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं है. चलिए बताते हैं कैसे ये दो फूल आपको तगड़ा मुनाफा दिला सकते हैं. 

     2 से 3 महीने में तैयार होने वाला गेंदे का फूल

    गेंदा यानी मैरीगोल्ड एक ऐसी फसल है जिसे किसानों का एटीएम कहा जाए तो गलत नहीं होगा. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बहुत ही कम समय यानी मात्र 2 से 3 महीने में तैयार हो जाता है और साल में इसकी तीन बार फसल ली जा सकती है. गेंदे के पौधे काफी सख्त होते हैं. जिन्हें बहुत ज्यादा खाद या महंगे कीटनाशकों की जरूरत नहीं पड़ती.

    • गेंदे की खेती के लिए बहुत ज्यादा पानी या बहुत उपजाऊ जमीन की जरूरत नहीं है. यह सामान्य मिट्टी में भी कमाल की पैदावार देता है.
    • त्योहारों और चुनावी सीजन में गेंदे के फूलों की मांग इतनी बढ़ जाती है कि मंडी में भाव कई गुना ज्यादा मिलने लगते हैं.
    • इसके पौधों को कीड़े और मवेशी भी कम नुकसान पहुंचाते हैं. जिससे मेंटेनेंस का खर्चा और सिरदर्दी दोनों कम हो जाते हैं.

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    गुलाब में सालों तक लगातार तगड़ा मुनाफा

    गुलाब को फूलों का राजा यूं ही नहीं कहा जाता. यह मार्केट का सबसे प्रीमियम और सदाबहार खिलाड़ी है. गुलाब की खेती की ब्यूटी यह है कि इसे एक बार ठीक से लगा दिया जाए. तो यह अगले 5 से 7 सालों तक लगातार फूल देता रहता है. आज के मॉडर्न दौर में सिर्फ सजावट ही नहीं. बल्कि गुलाब जल, गुलकंद और इत्र बनाने वाली कंपनियां भी किसानों से सीधा संपर्क करती हैं:

    • कट-फ्लावर सेगमेंट में लंबी डंडी वाले डच गुलाबों की कीमत इंटरनेशनल मार्केट और बड़े शहरों के बुके शॉप्स में बहुत ज्यादा होती है.
    • गुलाब की पंखुड़ियों और तेल की डिमांड कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में हमेशा बनी रहती है, जिससे फसल कभी बेकार नहीं जाती.
    • हालांकि इसमें शुरुआत में प्रूनिंग (कटाई-छंटाई) की जरूरत पड़ती है. लेकिन एक बार सेट होने के बाद यह साल भर कमाई का जरिया है.

    मुनाफा डबल करने का तरीका

    फूलों की खेती में सबसे जरूरी चीज है टाइमिंग. अगर आपकी फसल शादियों के सीजन या बड़े त्योहारों के ठीक पहले तैयार होती है. तो आप अपनी लागत से कई गुना ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं. आजकल के स्मार्ट किसान सिर्फ लोकल मंडियों पर निर्भर नहीं रहते. बल्कि सीधे डेकोरेटर्स, इवेंट प्लानर्स और मंदिरों से कॉन्ट्रैक्ट कर लेते हैं:

    • सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए आप अपने फ्रेश फूलों की सीधे बुटीक होटल्स और होम डिलीवरी भी शुरू कर सकते हैं.
    • फूलों की ग्रेडिंग और अच्छी पैकेजिंग पर थोड़ा ध्यान देकर आप अपनी उपज की वैल्यू बाजार के सामान्य भाव से और बढ़ा सकते हैं.
    • ऑफ-सीजन में फूलों की प्रोसेसिंग करके आप गुलाब जल या हर्बल टी जैसे प्रोडक्ट्स बनाकर अपनी इनकम को कई गुना एक्स्ट्रा बढ़ा सकते हैं.

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