Planetary Transits in December 2025: साल 2025 का आखिरी माह दिसंबर जल्द ही शुरु होने वाला है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिसंबर माह में 5 ग्रहों का राशि परिवर्तन हो रहा है. ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार दिसंबर का महीना काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. ऐसे में हर राशि के जातकों के जीवन पर इन ग्रहों का शुभ या अशुभ असर पड़ेगा.
पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर-जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि, दिसंबर में सूर्य, गुरु, मंगल, बुध और शुक्र राशि परिवर्तन करेंगे.
दिसंबर में ग्रहों का महापरिवर्तन
5 दिसंबर को गुरु मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे. वहीं मंगल 07 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करेंगे. बुध दो बार राशि परिवर्तन करेंगे. दिसंबर में बुध वृश्चिक और धनु राशि में रहेंगे. वर्तमान समय में सूर्य वृश्चिक राशि में विराजमान है और 16 दिसंबर तक इसी राशि में रहेंगे. इसके बाद धनु राशि में गोचर करेंगे.
शुक्र 20 दिसंबर को वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में गोचर कर जाएंगे. ऐसे में ग्रहों की स्थिति में बदलाव के कारण वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातकों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. खासकर करियर और व्यवसाय में नए अवसर मिलने की संभावना है.
5 दिसंबर को गुरु का मिथुन राशि में गोचर
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि, वर्तमान समय में देवताओं के गुरु कर्क राशि में विराजमान हैं. देवगुरु बृहस्पति 05 दिसंबर को मिथुन राशि में गोचर करेंगे. बृहस्पति देव मिथुन राशि में 01 जून, 2026 तक रहेंगे.
इसके अगले दिन यानी 02 जून को कर्क राशि में गोचर करेंगे. गुरु के राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों को लाभ मिलेगा.
मंगल का 7 दिसंबर को धनु राशि में गोचर
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि, वर्तमान समय में ग्रहों के सेनापति मंगल देव वृश्चिक राशि में विराजमान हैं. इस राशि में मंगल देव 06 दिसंबर तक रहेंगे. इसके अगले दिन यानी 07 दिसंबर को धनु राशि में गोचर करेंगे. इस राशि में मंगल देव 15 जनवरी तक रहेंगे. इसके अगले दिन मंगल देव मकर राशि में गोचर करेंगे.
बुध का 6 और 29 दिसंबर को गोचर
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि, वर्तमान समय में ग्रहों के राजकुमार बुध देव तुला राशि में विराजमान हैं. इस राशि में बुध देव 05 दिसंबर तक रहेंगे. इसके अगले दिन यानी 06 दिसंबर को वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे.
इस राशि में बुध देव 28 दिसंबर तक रहेंगे. इसके अगले दिन बुध देव धनु राशि में गोचर करेंगे. बुध देव के दिसंबर महीने में दो बार राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों को बिजनेस में लाभ होगा.
सूर्य का 16 दिसंबर को धनु राशि में गोचर
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि, वर्तमान समय में सूर्य देव वृश्चिक राशि में विराजमान हैं. आत्मा के कारक सूर्य देव 16 दिसंबर को धनु राशि में गोचर करेंगे. इस राशि में सूर्य देव 13 जनवरी तक रहेंगे.
इसके अगले दिन यानी 14 जनवरी को सूर्य देव मकर राशि में गोचर करेंगे. सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों को जॉब में सफलता मिलेगी.
शुक्र का 20 दिसंबर को धनु राशि में गोचर
भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि, सुखों के कारक शुक्र देव दिसंबर महीने में राशि परिवर्तन करेंगे. शुक्र देव 19 दिसंबर तक वृश्चिक राशि में रहेंगे. इसके अगले दिन यानी 20 दिसंबर को शुक्र देव धनु राशि में गोचर करेंगे. शुक्र देव के राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों को दिसंबर महीने में भौतिक लाभ मिल सकता है.
12 राशियों पर फायदा या नुकसान
- शुभ प्रभाव - मिथुन, वृश्चिक, मकर और मीन
- अशुभ प्रभाव - वृष, सिंह, तुला और कुंभ
- मिलाजुला प्रभाव - मेष कर्क, कन्या और धनु
ग्रहों के गोचर का प्रभाव
कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि, बीमारियों के इलाज में भी नए-नए आविष्कार होंगे. नई-नई दवाइयां और तकनीक विकसित होगी. सूर्य, शुक्र, मंगल, गुरु और बुध के राशि परिवर्तन से व्यापार में तेजी आएगी. बीमारियों में कमी आएगी. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. आय में इजाफा होगा.
प्राकृतिक आपदा के साथ अग्नि कांड, भूकंप, गैस दुर्घटना, वायुयान दुर्घटना होने की संभावना. पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा. राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे. सत्ता संगठन में बदलाव होंगे. पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा.
देश में आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, वायुयान दुर्घटना, विमान में खराबी, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है.
करें पूजा-पाठ और दान
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि, हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें. प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
हनुमान चालीसा और संकट मोचन का पाठ करें. लाल मसूर की दाल शाम 7:00 बजे के बाद हनुमान मंदिर में चढ़ाएं. हनुमान जी को पान का भोग और दो बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं. ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है.
महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए. माता दुर्गा, भगवान शिव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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